साइन्स अकादमी
एक मुस्कान.................
नहीं, हम सभी मुकम्मल नहीं हैं, लेकिन हमें इस पर काम करते रहना चाहिए, एक बेहतर इंसान, बेहतर शख़्सियत बनने पर काम करना चाहिए।
मैं जानता हूं कि उन चीजों को सुनना और नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं है, जो आपको तकलीफ़ देती हैं। लोग आमतौर पर ऐसा
करते हैं..यह एक शौक हो सकता है। दूसरों में कमियाँ निकालना , तन्ज़ करना, दूसरों की
ज़िन्दगी में बेवजह दख़ल देना उनकी आदत में शुमार होता है।
लेकिन आप जानते हैं कि इस दुनिया का एक भी इंसान ऐसा नहीं है जिसे किसी आलोचना
का सामना नहीं करना पड़ा हो। दुनिया आलोचना के लिए एक जगह है। यहाँ लोगों की आदत
है दूसरे की आलोचना करना। लेकिन मुझे यक़ीन है, केवल इस
आलोचना ने हमें मजबूत बनाया है।
लड़कियों को ही नहीं, लड़कों को भी दुनिया के इतने क्रूर पक्षों का
सामना करना पड़ता है, हम कभी नहीं समझ सकते हैं..क्योंकि वे शिकायत
नहीं करते हैं, वे सहन करते हैं और चलते रहते हैं क्योंकि
उनके ऊपर उनके परिवार की ज़िम्मेदारियां हैं।
मैंने अपने पापा से सीखा है कि दुनिया की नकारात्मकता को एक मुस्कान के साथ
जाने देना है।
इस तथ्य को स्वीकार करें कि हम सब एक ही जैसे हैं।
इस तथ्य को स्वीकार करें, क्योंकि आपने जीवन में बुरे अनुभव का सामना
किया है इस वजह से दूसरे को कोसना बंद करेंI
याद रखें, आपकी ज़िन्दगी में मिलने वाला हर इंसान एक
सबक है, या तो वह अच्छा है या बुरा।
अब यह आप पर निर्भर करता है कि आपको किससे क्या सीखना है, क्या सुनकर इग्नोर करना है और आगे बढ़ जाना
है...
लेकिन इन सबमें सब्र हिम्मत और मुस्कुराना नहीं छोड़ना है...
(नीचे उदाहरण पेश हैं )
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| इनसे सीख़ें जीना !!!!!! |

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